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मोतिहारी में मुखिया निकला गांजा तस्करी का सरगना, पुलिस ने किया बर्खास्त तो अपनाया जुर्म का रास्ता,

बिहार  पूर्वी चंपारण में बड़ी कार्रवाई की गई है. जिला के आदापुर थाना क्षेत्र स्थित बखरी पंचायत के मुखिया अख्तर साह के घर से एसएसबी और आदापुर पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया है. इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख रुपये आंकी गई है.

बताया जाता है कि, गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की. पुलिस ने मुखिया अख्तर साह को गिरफ्तार कर लिया है. अख्तर साह कई वर्षों से गांजा तस्करी के धंधे में लिप्त था. अख्तर पर गांजा तस्करी के एक बड़े सिंडिकेट को चलने की बात बतायी जा रही है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके कम्पाउंड में लगे स्कार्पियो और उसके घर से 131 किलोग्राम गांजा बरामद किया है.

'गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई हुई है. आदापुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में मुखिया के दरवाजा पर खड़े स्कार्पियो से 131 किलो नेपाली गांजा बरामद हुआ है. स्कार्पियो जब्त कर लिया गया है. आदापुर पुलिस ने मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस करेगी.''-   प्रफुल्ल कुमार, कमांडेंट, एसएसबी 71वीं बटालियन

स्थानीय लोगों का कहना है कि बखरी पंचायत के मुखिया अख्तर साह झिंटकहियां गांव का रहने वाला है. उसका घर भारत-नेपाल सीमा के काफी नजदीक है. इसी का फायदा उठाकर वह मुखिया निर्वाचित होने के बाद मादक पदार्थों की तस्करी में जुट गया और उसने इससे काफी पैसा कमाया. मादक पदार्थ को वह अपने सिंडिकेट के माध्यम से दूसरे राज्यों में भेजता था.

बता दें कि, मुखिया निर्वाचित होने के कई वर्ष पूर्व अख्तर साह बखरी पंचायत से पैक्स अध्यक्ष निर्वाचित हुआ था. फिर उसने पैक्स अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर बिहार पुलिस में नौकरी की. नौकरी के दौरान उसपर मुजफ्फरपुर में एटीम फ्रॉड का आरोप लगा. उसके बाद उसे बिहार पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया.

अख्तर साह 2021 के पंचायत चुनाव में बखरी पंचायत के मुखिया के रूप में निर्वाचित हो गया. उसके बाद वह भारत नेपाल के खुली सीमा का फायदा उठाकर मादक पदार्थ की तस्करी में जुट गया. आखिरकार उसे एसएसबी के जवान और पुलिस ने दबोच लिया.

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