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चाचा भतीजी का पिता कैसे हो सकता है एक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से आ रहा है

बिहार मुजफ्फरपुर चाचा भतीजी का पिता कैसे हो सकता है एक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से आ रहा है यह मामला अनत कमतौल थाना कडनी का है पीड़ित व्यक्ति  का कहना है कि मेरे बड़े भाई कहना है  कि मेरी बेटी उसका  बेटी है मगर यह गलत है और मेरा बेटा है हम जिला अधिकारी तक फरियाद लेकर आए हैं कि यह जो मेरा भाई मुझ पर जो आरोप लगा रहा है कि मेरी बेटी तुम्हारा है यह सब गलत है विद्यालय में भी नाम लिखवाया गया सब फर्जी है 

और चलिए आवेदन मोटा-मोटी हम आवेदन भी फरियादी का आप सभी को सुनते हैं उन्होंने क्या शिक्षा अधिकारियों पर लिखा है



सेवा में,

जिला शिक्षा पदाधिकारी मुजफ्फरपुर । फर्जी स्कूल शिक्षा प्रमाण पत्र को निरस्त करने के सम्बना में । बिषय

महाशय,

03.09.24 नेतृक गांव पर

पवन शाही ग्राम पो० अनन्त कमतौल थाना कड़नी जिला मुजफ्फरपुर का निवासी उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में सूचित करना है कि मैं अशियण शाही, पिता 1976 मे 2016 तक (भारतीय रेल में विभिन्न पदों पर नौकरी के सन्दर्भ में पहले मार समस्तीपुर में में कार्यरत रहने के कारण) बाहर ही रहने लगा। वर्ष 2009 में मेरे पिता स्व० राम लखन शाही की मृत्यु उपरांत हुए रहता था। 2016 में सेवा निवृत्त के बाद में अपन आपसी पंचायत में स्कूली प्रमाण पत्र में अर्वनाविवारी, पिता श्री चन्द्र भूषण शाही के पिता के स्थान पर मेरा अर्थात शशि भूषण शाही अर्चना का उल्लेख किया गया जबकि मेरे द्वारा कभी भी इसकी स्वीकृति नहीं दी गयी / जानकारी में नहीं थी। मेरे द्वारा सुचना के अधिकार अधिनियम के तहत सुचना के आधार पर राजकीय बुनियादी विद्यालय, चंद्रहट्टी कमतौल द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से यह ज्ञात हुआ की राजकीय बुनियादी विद्यालय, चंद्रहट्टी कमतौल के प्रथम कक्षा के नामांकन पंजी में दिनांक 11.01.1979 को कुमारी अर्चना शाही, पिता - श्री वन्द्र भूषण शाही जन्म तिथि 09.12.1974 अंकित है। पुनः दो वर्ष बाद तीसरी कक्षा के नामांकन पंजी में दिनांक 23.01.1981 को अर्चना कुमारी, पिता श्री चन्द्र भूषण शाही जन्म तिथि 02:08 1974 अंकित था जिसको बाद में over writing कर पिता के नाम श्री चन्द्र भूषण शाही को श्री शशि भूषण शाही किया गया जो कि नामांकन पंजी को देखने में स्पष्ट प्रतीत होता है। नाम में परिवर्तन के विद्यालय के द्वारा बिना साध्य / कागजात के करना म्कूल प्रशासन की मिली भगत को दर्शाता है। परिवर्तन की गयी नाम की लिखावट पंजी के अन्य लिखावट से अलग प्रतीत होता है। (मांगी गयी सुचना की दाबा प्रति संलग्र) दोनों नामांकन के पिता के पेशा कालम में खेती लिखा है जबकि मैं उम समय नौकरी कर रहा था और घर से बाहर रहता था। स्व० म

अर्चना कुमारी, पिता श्री चन्द्र भूषण शाही द्वारा पंचम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय, पटना के समक्ष प्रोबेट केश संख्या 126/2013 में दिए गये शपथ पत्र एवं व्यान में कहा है की मेरे पिता चन्द्र भूषण शाही है एवं श्री शशि भूषण शाही मेरे चाचा है, जो रेलवे में नौकरी करते है। इसी कारण वो गाव से बाहर रहते है।

वर्ष 2014 में आपसी बटवारा हेतु की गयी पंचायतनामा में भी चन्द्र भूषण शाही द्वारा यह स्वीकार किया गया कि अर्चना कुमारी श्री चन्द्र भूषण शाही की ही पुत्री है एवं मेरे अर्थात श्री

U NEWS LIVE INDIA BIHAR चैनल से  कुमार गौरव चीफ ब्यूरो के रिपोर्ट

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