काली पुजा महोत्सव को लेकर हुई तैयारी बैठक,बंगाल के ढाक एवं नृत्य और काली महाआरती होगी आकर्षण का केंद्र मन्नत पुरा होने पर चुनरी और नारियल चढाने की है परंपरा
बिहार मुजफ्फरपुर के बाह्रणटोली संगत स्कूल प्रांगण मे तीन दिवसीय काली पूजा महोत्सव को लेकर पूजन आचार्य डाॅ चंदन उपाध्याय के आवासीय कार्यालय पर बैठक हुई बैठक के उपरांत संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया।
पूजन आचार्य डाॅ उपाध्याय ने बताया कि 2006 से बाह्यणटोली मे काली पूजा होती है आ रही है इस वर्ष 19 वां वर्ष होगा।31 अक्टूबर को रात्री मे मां काली की प्राण-प्रतिष्ठा होगी और निशा पूजन होगा।साथ ही 1 नवंबर को हल्दी पूजन एवं महाआरती होगी तथा 2 नवंबर को अन्नकूट, 551 कन्याओं का कन्यापूजन,भंडारा और संध्या मे विसर्जन शोभा यात्रा निकाली जायेगी।
महाकाली प्रतिष्ठा एवं निशा पूजन डाॅ चंदन उपाध्याय के नेतृत्व मे लालबहादुर शास्त्री विश्वविद्यालय दिल्ली के व्याकरण आचार्य लड्डू झा एवं वेदाचार्य भरत झा साथ ही बनारस के पुजारी ब्रजेश तिवारी भी शामिल होंगे। पूजा संयोजक प्रभात कुमार ने बताया कि काली पूजा महोत्सव मे बंगाल के ढाक नृत्य और धनुची नृत्य के आयोजन के साथ साथ 1 नवंबर को संध्या 7 बजे काली महाआरती का आयोजन बनारस के गंगा घाट के आरती के तर्ज पर होगा जो विशेष आकर्षण का केन्द्र होगा।
पूजन महोत्सव मे कई केन्द्रीय मंत्री,बिहार सरकार के मंत्री,सांसद,विधायक, विधानपार्षद सहित कई
,शिक्षाविद,समाजसेवी और साहित्यकार के साथ साथ सैकङो लोग पुजा मे शामिल होंगे। मुख्य यजमान अमित कुमार ने बताया कि पूजा महोत्सव की तैयारी पुरी कर ली गयी है मूर्ती का निर्माण हो रहा है इस बार पंडाल मे मां दुर्गा के सभी नौ स्वरूप का भी दर्शन होगा।लोग मन्नत पूरा होने की कामना से लोग मन्नत के पूर्व और मन्नत पूरा होने के बाद नारियल और चुनरी चढाने की परंपरा दो दशको से चली आ रही है। बैठक और प्रेसवार्ता के दौरान प्रमोद कुमार ओझा,संतोष भट्ट, ललितेश्वर उपाध्याय, संतोष उपाध्याय, विक्की राज,संजय कुमार, कृष्ण कुमार प्रभाकर, अमीत राज,सुमित कुमार, नैतिक, अर्थ और समर्थ मौजूद रहें।
U NEWS LIVE INDIA BIHAR चैनल से बिहार मुजफ्फरपुर से कुमार गौरव चीफ ब्यूरो के रिपोर्ट
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