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बिहार के डीजीपी के तौर पर IPS आलोक राज ने पदभार ग्रहण कर लिया है और कौन हैं आलोक राज? चलिए पूरी जानकारी की तरफ

Bihar New DGP| ससुर के बाद अब दामाद बने DGP बिहार पुलिस, जानिए क्या है पूरा सच!

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। बिहार के डीजीपी के तौर पर IPS आलोक राज ने पदभार ग्रहण कर लिया है।आईपीएस आरएस भट्टी ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए विरमित होने से पहले अपना कार्यभार विधिवत रूप सब आलोक राज को सौंप दिया। नीतीश सरकार द्वारा नए डीजीपी की नियुक्ति की अधिसूचना करते हुए निगरानी के डीजी आलोक राज को बिहार पुलिस का नया प्रभारी कप्तान बनाया गया है। उन्हें डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है पूर्णकालिन पद नहीं दिया गया फिलहाल प्रभार में रहेंगे। बता दें कि आलोक राज 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 20 अगस्त 1989 को आलोक राज आईपीएस बने थे। 31 दिसंबर 2025 को वो रिटायर होंगे।

कौन हैं आलोक राज?

आलोक राज का पैतृक गांव मुजफ्फरपुर जिले के सरैंया प्रखंड के नेऊरा गांव में है। वर्तमान में वह पटना के कंकड़बाग में अपने पिता के बनाए आवास में रहते हैं। बताया जाता है कि आलोक राज संगीत के शौकीन हैं।सोशल मीडिया पर उनके गाए कई गाने वायरल होते रहते हैं। डीजीपी के रेस में आते ही उनका भोले बाबा पर गया हुआ गाना सोशल मीडिया पर एक बार फिर शेयर किया जाने लगा है। गायकी सीखने खातिर आलोक राज ने छह साल तक गाने का रियाज कर वर्ष 2017 में पहला एल्बम रिलीज किया था।अब तक आलोक राज कई एल्बम रिलीज कर अपनी गायकी का एहसास करा चुके है। 

ससुर के बाद दामाद बने डीजीपी बिहार 

बिहार पुलिस के सरबरा यानी डीजीपी बने आलोक राज के ससुर स्वर्गीय दिनेश नंदन सहाय भी बिहार पुलिस के डीजीपी रहे हैं। लालू यादव के शासनकाल में डीजीपी रहे आलोक राज के ससुर श्री सहाय छत्तीसगढ़ के पहले राज्यपाल दिनेश नंदन सहाय का वर्ष 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रहे। जून 2003 में उन्हें त्रिपुरा का गवर्नर बनाया गया। दिनेश नंदन सहाय का जन्म मधेपुर, बिहार में एक मध्य वर्गीय परिवार में हुआ था। 

2 फरवरी 1936 को जन्मे दिनेश नंदन सहाय छत्तीसगढ़ के अलावे त्रिपुरा के भी राज्यपाल रह थे। बता दें कि उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में अपना एमए पूरा कर लिया और एचडी में एक व्याख्याता के रूप में 
भोजपुर जिले के हरप्रसाद दास जैन कॉलेज, आरा में प्रवक्ता के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की । इसके बाद साल 1960 में सिर्फ 24 साल की उम्र में भारतीय पुलिस सेवा के लिए इनका सेलेक्शन हुआ। उन्होंने बिहार के डीजीपी के रूप में भी कार्य किया। उन्हें एक बेटा और दो बेटियां हैं। 82 साल की उम्र में दिनेश नंदन सहाय का लंबी बीमारी के बाद पटना के मेडिका मगध हॉस्पिटल में रविवार, 28 जनवरी 2018 की रात करीब साढ़े आठ बजे दिल का दौरा पड़ा जिससे निधन हो गया। दिनेश नंदन सहाय को डी एन सहाय के नाम से भी याद किया जाता है।

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